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शनिवार, 3 सितंबर 2011

इस नग्नता पर नारी संगठनों को लज्जा क्यों नहीं आती !



" अन्ना हजारे जी को सपोर्ट के बहाने टोपलेश होनेवाली अभिनेत्री "योगिता" के कदम को कितना जायज माना जाना चाहिए ? और कहाँ गई वो " नारी संघटन "जो हर बार नारी पर होते अत्याचार की ही बात करती है ? क्या इसे अश्लीलता भरा अंगप्रदशन कहा जाये या फिर अन्ना हजारे के नाम पर भारत कीआन,बान,शान "तिरंगे " का अपमान ..या फिर सस्ती पब्लिसिटी कहा जाये ..बात चाहे जो भी हो मग़र एक बात साफ़ होती है की " नारी संघटन "को "पूनम पांडे"के न्यूड होने पर या फिर " मन्दिरा बेदी "के न्यूड होने के साथ साथ अपने सरीर पर "ॐ" लगवाकर तस्वीरे खिंचवाने पर भी " अश्लीलता दिखाई नहीं दे रही है?... क्या आज नारी संघटन अँधा हो गया है ? या फिर सिर्फ नाम का रहे गया है " नारी संघटन" ? " "भारत सरकार अश्लील विज्ञापन पर जब रोक लगा रही हैउसी वक़्त " भारत की नारी "जिस संस्कृति के लिए जानी जा रही है ..उस " लाज , शर्म " को सरेआम बाजार में लीलाम कर रही है | "...नारी संघटन को नारी परहोते अत्याचार दिख रहे है मग़र नारी के द्वारा दिखाई जाती अश्लीलता नहीं ..आज अगर ऐसा ही कार्य किसी पुरुष ने किया होता तो ..नारी संघटन जमकर विरोधके साथ कड़ी कार्यवाही की मांग भी करती मग़र आज ..वही नारी संघटन "किसी नारी के द्वारा अपने खुले जिस्म पर "तिरंगा " लगाकर तस्वीरे खिंचवाने पर चुपहै | "
" बात यहाँ सिर्फ अंगप्रदशन की ही नहीं है मग़र आज "नारी संघटन" को फिर से सोचना पड़ेगा की " आखिर ऐसी क्या बात है ..जिसकी वजह से भारत की नारी अपना सच्चा गहेना " अपना जिस्म " दिखाने को राजी हो जाती है ? ...एक नारी के द्वारा ऐसी हरकत पर नारी संघटन को ठोस कदम उठाने ही चाहिए ..कही ऐसाना हो की " नारी संघटन" की चुप्पी ये साबित ना कर दे की "आज की नारी खुद खिलौना बन गई है ? ..अब वक़्त  गया है की ऐसे नारी संघटन फिर से एक बारसोचे की आखिर देश की इज्ज़त और नारी के सच्चे गहने को कैसे बचाया जाये ?

1 टिप्पणी:

AURYAM KRISHAN ने कहा…

यह भारतीय संस्कृति नहीं कि नारी अपने शरीर कि नुमाइश करते हुए हमारे देश और हमारी संस्कृति का अपमान करे!
सच्ची भारतीय नारी अपनी जान दे देगी लेकिन अपने स्वाभिमान पर कभी आंच नहीं आने देगी!
नारी को पहले अपनी इज्ज़त खुद करनी चाहिए, उसके बाद वो दूसरों की निगाहों में इज्ज़त पा सकेगी!
ऐसा प्रदर्शन नारी को उसके महान स्थान से नीचे गिरता है!
माना कि यह देश प्रेम का भाव है, लेकिन असली देशप्रेम का भाव वो होता जिसको देखकर हर किसी के मन में भी देशप्रेम का भाव जाग्रत हो जाये!
इस भाव में देशप्रेम कम और स्वार्थ प्रेम का भाव अधिक प्रदर्शित हो रहा है!
नारी के लिए देश प्रेम के तरीके और भी हैं!
!! वन्दे मातरम !!
!! राधे-राधे !!