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सोमवार, 20 जून 2011

ज़िन्दगी है छोटी, हर पल में खुश रहो

ज़िन्दगी है छोटी, हर पल में खुश रहो ...
ऑफिस में खुश
रहो, घर में खुश रहो ...

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आज पनीर नहीं है , दाल
में ही खुश रहो ...
आज जिम जाने का समय नहीं , दो कदम चल के ही खुश रहो
...

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आज दोस्तों का साथ नहीं, टीवी देख के ही खुश
रहो ...
घर जा नहीं सकते तो फ़ोन कर के ही खुश रहो
...

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आज कोई नाराज़ है, उसके इस अंदाज़ में भी
खुश रहो ...
जिसे देख नहीं सकते उसकी आवाज़ में ही खुश रहो
...

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जिसे पा नहीं सकते उसकी याद में ही खुश
रहो
Laptop न मिला तो क्या , Desktop में ही खुश रहो
...

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बिता हुआ कल जा चूका है , उसकी मीठी
यादों में ही खुश रहो ...
आने वाले पल का पता नहीं ... सपनो में ही खुश रहो
...

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हँसते हँसते ये पल बिताएँगे, आज में ही
खुश रहो
ज़िन्दगी है छोटी, हर पल में खुश
रहो

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