इस बार हम आपको जानकारी दे रहे हैं होलकरकालीन मराठा शैली वाले मार्ग के बीचोबीच एक इमारत 'जाम दरवाजा' की। हो सकता है, आप अपनी छुट्टी को एंजॉय करने के लिए इस स्थल के लिए रवाना हो और बारिश की रिमझिम बूँदें भी आपके साथ हो लें। यकीन मानिए इस स्थल को देखकर आप यही कहेंगे कि वाह, यह जगह तो स्वर्ग-सी सुंदर है।
दूरी- इंदौर से महू तथा महू से पुरातन मंडलेश्वर मार्ग पर यह जाम दरवाजा स्थित है।
कैसे जाएं- स्वयं के वाहनों से इस स्थल पर पहुंचा जा सकता है। जाम दरवाजे के लगभग 3-4 किमी पहले हमारे दाहिने और एक सुंदर तालाब दिखाई देता है। तालाब के पास किलेनुमा कोठी दिखाई देती है जिसे 'बूढ़ी जाम' के नाम से जाना जाता है।
इस इमारत की पूर्व दिशा में देखने पर सुंदर नजारा दिखाई देता है। इस स्थान से होने वाले सूर्योदय को देखना बेहद रोमांचकारी अनुभव है। यहां से दूरबीन द्वारा नर्मदा नदी के दर्शन किए जा सकते हैं। आसपास के घने वनों से घिरे हुए पहाड़ तथा वर्षा ऋतु में बादलों की अठखेलियां देखकर मन प्रफुल्लित हो जाता है। इस प्राचीन इमारत को होलकर शासनकाल में तैयार किया गया था।
दरवाजे को पार करके दक्षिण दिशा में नीचे घाटी उतरते ही एक बरसाती नदी आती है। इस मार्ग से आगे जाने पर मंडलेश्वर (खंडवा रोड स्थित), बलवाड़ा होते हुए पुनः इंदौर लौटा जा सकता है।
कुछ महत्वपूर्ण बातें :
- अपने साथ दूरबीन, कैमरा आदि ले जाना न भूलें।
- घूमने जाते समय पीने के पानी की व्यवस्था स्वयं करके ले जाएं तो ज्यादा बेहतर है।
- जाम दरवाजा जाते समय वाहन सावधानी से चलाएं, क्योंकि घाटी का रास्ता कच्चा हो सकता है।
- यह इमारत मुख्य घाट पर स्थित है अतः इमारत से नीचे झांकने का प्रयास या परकोटे के ऊपर चढ़ने का प्रयास खरतनाक हो सकता है।
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