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मंगलवार, 8 नवंबर 2011

देश के टॉप टेन में शामिल हुआ इंदौर का चिड़ियाघर


 
  कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय को बेहतरीन पिंजरे और जानवरों को जंगल-सा माहौल देने के मामले में देशभर के चिड़ियाघरों में १क्वां स्थान मिला है। हैदराबाद में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के समारोह में पिंजरों की स्थिति व रखरखाव पर हुए प्रेजेंटेशन को देखने के बाद यह निर्णय लिया गया। इंदौर के प्रेजेंटेशन में कैदीबाग के व्हाइट टाइगर, भालू और यलो टाइगर सहित छह जानवरों के पिंजरों को शामिल किया गया था। प्रेजेंटेशन में जू के प्रभारी अधिकारी डॉ. उत्तम यादव और अपर आयुक्त मनोज पुष्प शामिल हुए थे।


हर पिंजरे में लगाओ 400 पौधे


चिड़ियाघर प्राधिकरण ने निर्देश दिए हैं कि हर बड़े पिंजरे में न्यूनतम 400 पौधे होना चाहिए। शेर-चीता के पिंजरे में छोटे तालाब और मिट्टी के टीले आदि भी बनाए जाने चाहिए। चिड़ियाघर प्रबंधन अब इन छह पिंजरों में एक हजार से ज्यादा पौधे लगाएंगे।


ऐसे मिली सफलता


: पिंजरों का आकार नियमों के मुताबिक और जंगल जैसा माहौल।
: पिंजरों के भीतर ही पानी का कुंड और बड़े पेड़।
:दर्शकों की सुरक्षा के लिए 25 फीट ऊंची जालियां।
: पिंजरे के भीतर चार-चार छोटे पिंजरे, जहां एक ही परिवार के जानवरों को-अलग रखा जा सके।


छोटे चिड़ियाघरों की कैटेगरी में नंबर वन


देश के जिन 33 चिड़ियाघरों को छोटे जू की कैटेगरी में रखा गया है, उनमें इंदौर चिड़ियाघर को नंबर वन का दर्जा मिला है। वहीं देश के कुल 196 चिड़ियाघरों में नंबर वन मैसूर और दूसरे नंबर पर हैदराबाद का चिड़ियाघर रहा। इस कैटेगरी में इंदौर का १क्वां स्थान है।


मास्टर प्लान पर निर्णय जल्द


केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से प्रबंधन की चर्चा के बाद इंदौर के मास्टर प्लान पर जल्द निर्णय होने की संभावना है। इसे 31 मार्च तक मंजूर दी जा सकती है।


बेहतर रहा प्रदर्शन


देशभर के चिड़ियाघरों के प्रेजेंटेशन में इंदौर के जू का प्रदर्शन बेहतर रहा और हमें १क्वां स्थान मिला है। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से कुछ जरूरी निर्देश मिले हैं, जिनका पालन किया जाएगा। इसके अलावा मास्टर प्लान पर भी तीन-चार माह में निर्णय हो जाएगा।
- डॉ. उत्तम यादव, प्रभारी अधिकारी, चिड़ियाघर इंदौर

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