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शुक्रवार, 7 अक्तूबर 2011

महानतम आविष्‍कारक थे स्टीव जॉब्स

 दुनियाभर में कंप्यूटर से लेकर आई पॉड और आई फोन के जरिए दैनिक प्रौद्योगिकी में क्रांति लाने वाले एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स का निधन हो गया। वह पैंक्रियास कैन्सर से पीड़ित थे।

56 वर्ष के जॉब्स का स्वास्थ्य पिछले कई वर्ष से खराब था। उन्होंने केलिफोर्निया के पालो अल्तो में अंतिम सांस ली और उस समय उनकी पत्नी तथा परिवार के बाकी लोग उनके पास थे।

एक संक्षिप्त बयान में एप्पल के निदेशक मंडल ने कहा, ‘हमें यह घोषणा करते हुए बहुत दु:ख हो रहा है कि स्टीव जॉब्स का कल निधन हो गया।’ एप्पल के नए सीईओ टिम कुक ने जॉब्स को एक ‘विलक्षण सृजनशील प्रतिभा’ बताया।

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जॉब्स के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि दुनिया ने एक दूरदृष्टा खो दिया। जॉब्स महान अमेरिकी आविष्कारकों में से एक थे। ‘अपने गैराज से एप्पल को विश्व की सबसे सफल कंपनियों में शुमार कर जॉब्स ने अमेरिकी पटुता के जोश का उदाहरण दिया।’

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एप्पल के पूर्व सीईओ जॉब्स के निधन पर दु:ख व्यक्त करते हुए उन्हें एक ऐसा आविष्कारक बताया जिसने दुनिया को संचार और जुड़ने का नया तरीका सिखाया।

स्टीव के निधन पर दु:ख और सदमे का इजहार करते हुए माइक्रोसॉफ्ट के प्रमुख बिल गेट्स ने कहा, ‘स्टीव और मैं 30 साल पहले पहली बार मिले और उसके बाद सहयोगी, प्रतिस्पर्धी और दोस्त बने।’ वॉल स्ट्रीट जर्नल की वेबसाइट पर अपने वक्तव्य में गेट्स ने कहा, ‘दुनिया में ऐसे लोग बहुत कम रहे हैं, जिनका स्टीव जैसा गहन प्रभाव रहा हो, इसका असर आने वाली कई पीढ़ियों तक रहेगा।’


जॉब्स के निधन पर शोक प्रकट करते हुए आस्ट्रेलिया की प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड ने उन्हें ‘असाधारण वैश्विक अविष्कारक’ बताया। बयान के अनुसार, 'स्टीव की प्रतिभा, जुनून और ऊर्जा कंपनी के असंख्य अविष्कारों का आधार बनी, जिससे हम सबका जीवन समृद्ध और बेहतर बना। स्टीव की वजह से दुनिया बेहतर हुई।’ प्रौद्योगिकी की दुनिया के बेताज बादशाह जॉब्स को 2004 में पैंक्रियाज कैंसर की शिकायत हुई और 2009 में उनका यकृत बदला गया।

इस वर्ष जनवरी के बाद से वह कंपनी के कामकाज से छुट्टी पर थे, लेकिन कभी कभार दिखाई देते थे। मार्च में उन्होंने आई पैड का दूसरा संस्करण बाजार में उतारा और फिर सिलिकान वैली में राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा टैक्नॉलॉजी के दिग्गजों के लिए आयोजित रात्रि भोज में शामिल हुए। जून में वह सान फ्रांसिस्को में एप्पल के आई क्लाउड के बारे में बताने के लिए एक बार फिर सामने आए।

पिछले कुछ वर्ष से स्टीव की बिगड़ती तबीयत नजर आने लगी थी और हर बार वह जब एप्पल के नये नवेले उत्पादों को पेश करने के मौके पर सार्वजनिक तौर पर सामने आते थे तो पहले से ज्यादा कमजोर और निस्तेज नजर आते थे। अगस्त में प्रौद्योगिकी जगत को ताज्जुब में डालने वाले घटनाक्रम में जॉब्सने एप्पल के सीईओ के पद से इस्तीफा दे दिया और टिम कुक को अपना उत्तराधिकारी बनाया।

एप्पल के निदेशक मंडल और एप्पल समुदाय को लिखे पत्र में जॉब्स ने कहा, ‘मैंने हमेशा कहा है कि अगर कोई ऐसा दिन आया जब मैं एप्पल के सीईओ के तौर पर अपने दायित्वों और अपेक्षाओं के अनुरूप काम नहीं कर पाया तो मैं सबसे पहले आपको बताऊंगा और दुर्भाग्य से वह दिन आ गया है।’ जॉब्स बोर्ड के चेयमैन बने रहे।
एप्पल के सबसे ज्यादा प्रचलित और प्रतिष्ठित उत्पाद जैसे आईपॉड, आई फोन और आईपैड जॉब्स की दूरदर्शिता और कौशल का परिणाम थे। उनके नेतृत्व में एप्पल ने आई पॉड के जरिए संगीत जगत की नयी परिभाषा गढ़ी। आई फोन ने मोबाइल की दुनिया का अंदाज बदला और आई पोड ने मनोरंजन और मीडिया जगत को नये मायने दिए।

अगस्त में एप्पल ने कुछ वक्त के लिए एक्सोन मोबाइल को पछाड़ कर देश की सबसे मूल्यवान कंपनी होने का गौरव हासिल किया, जब उसकी बाजार पूंजी 346 अरब डालर तक पहुंच गई। जॉब्स की लगातार बिगड़ती हालत और कंपनी के कामकाज से दूर रहने के कारण उनकी गैर मौजूदगी में कंपनी चलाने को लेकर चिंता बढ़ती रही।

जॉब्स ने कंपनी के सीईओ के पद से दिए अपने इस्तीफे में लिखा, ‘मेरा मानना है कि एप्पल के सबसे चमकदार और बेहतर दिन आगे आने वाले हैं। और मैं एक नयी भूमिका में इसकी सफलता में योगदान देने के प्रति आशान्वित हूं। एप्पल में मैंने अपने कुछ बेहतरीन दोस्त बनाए हैं और मैं कई वर्ष तक आपके साथ कर पाने के लिए आपको धन्यवाद देता हूं।’

जॉब्स ने 1976 में अपने घर के गैराज में स्टीव वोज्नियाक के साथ एप्पल की शुरुआत की और एप्पल दो तथा मैकिनटोश कंप्यूटर्स का विकास किया। उन्होंने कंपनी के निदेशक मंडल के साथ विवाद के चलते 1985 में कंपनी छोड़ दी।

अगले वर्ष उन्होंने नैक्स्ट कंप्यूटर की स्थापना की। 1986 में उन्होंने लुकासफिल्म के कंप्यूटर ग्राफिक्स डिवीजन को खरीद लिया और इसे एक स्वतंत्र एनीमेशन स्टूडियो पिक्सर के तौर पर फिर से स्थापित किया।

करीब एक दशक बाद 1996 में एप्पल ने नैक्स्ट को खरीद लिया और जॉब्सको एप्पल में वापिस लाया गया। 1997 से जॉब्सने कंपनी के सीईओ के तौर पर काम शुरू किया और जीवन के अंतिम दिनों तक इसी पद पर बने रहे।

प्रौद्योगिकी क्षेत्र की एक अन्य जानी-मानी हस्ती बिल गेट्स ने कहा है कि जॉब्स का 'गहरा प्रभाव आने वाली कई पीढ़ियों तक महसूस किया जाएगा। गेट्स ने कहा कि हम उन भाग्यशाली लोगों में है जिन्हें उनके साथ काम करने का मौका मिला। यह हम सबके लिए सम्मान की बात है। मुझे हमेशा उनकी कमी महसूस होगी।
एप्पल के पूर्व सीईओ स्टीव जॉब्स के निधन पर अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शोक प्रकट करते हुए कहा है कि दुनिया ने एक दूरदृष्टा खो दिया है, जो अमेरिका के महानतम अविष्कारकों में से एक था।
जॉब्स के निधन पर जारी एक बयान पर ओबामा ने कहा कि विश्व ने एक दूरदृष्टा खो दिया है। स्टीव की सफलता को इससे बड़ा सलाम और क्या हो सकता था कि उनके निधन का समाचार ज्यादातर लोगों को उन्हीं के द्वारा ईजाद किए गए उपकरण के जरिए मिला।

ओबामा ने कहा कि स्टीव जॉब्स के निधन का समाचार सुनकर मैं और मिशेल स्तब्ध हैं। स्टीव अमेरिका के महानतम अविष्कारकों में से एक थे। उनमें अलग सोचने का हौसला था, उनमें यह विश्वास करने का साहस था कि वह दुनिया को बदल सकते हैं और ऐसा करने की पर्याप्त प्रतिभा भी थी।

ओबामा ने कहा कि अपने गैराज से दुनिया की सबसे सफल कंपनी की नींव रखने वाले जॉब्स ने अमेरिकी कौशल की मिसाल कायम की। कंप्यूटर को लघु आकार देकर और इंटरनेट को हमारी जेब तक पहुंचाकर उन्होंने न सिर्फ सूचना क्रांति को सुगम बनाया बल्कि इसे सहज और मजेदार भी बना दिया।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने बयान में कहा कि स्टीव अकसर कहा करते थे कि वह अपने जीवन का हर दिन इस तरह जीते हैं जैसे वह उनके जीवन का अंतिम दिन है। उन्होंने हमारा जीवन बदल दिया, उद्योग जगत को एक नई परिभाषा दी ओर मानव इतिहास में दुर्लभतम स्थान हासिल किया। उन्होंने दुनिया को देखने का हमारा नजरिया बदल दिया।

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